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सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से टीएमसी और पूर्व सीएम ममता बनर्जी लगातार निशाने पर हैं। अब गृह मंत्रालय और अमित शाह को लेकर दिए बयान के मामले में ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक वकील की शिकायत के आधार एफआईआर दर्ज की गई है।

गुरुवार को पुलिस ने बताया कि यह शिकायत 2 जून को कोलकाता में रानी राशमोनी रोड पर एक विरोध सभा के दौरान ममता बनर्जी की टिप्पणियों से संबंधित है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेशी नागरिक उस्मान हादी की हत्या का जिक्र किया था और केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए बयान दिए थे।

वकील रिंकी सेन चटर्जी ने ममता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस्मान हादी की हत्या पिछले दिसंबर में बांग्लादेश में हुई थी। हादी के हत्यारे मेघालय की सीमा पार करके जनवरी में पश्चिम बंगाल आए थे और राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स ने उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। ममता बनर्जी की टीएमसी में टूट गई है। पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी समेत 58 बागी नेताओं को विधानसभा स्पीकर ने मंजूर दे दी है। स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दी।

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायकों ने स्पीकर रवीन्द्र नाथ बोस से मुलाकात कर उनसे कहा था कि वे टीएमसी के असली गुट हैं और ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी जाए। ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि उनके साथ 60 विधायक हैं और वहीं असली टीएमसी है। अखरुज्जमान को चीफ व्हिप बनाया है।

ऋतब्रत बनर्जी होंगे बंगाल के नेता प्रतिपक्ष

ऋतब्रत बनर्जी, बागी विधायक संदीपन साहा और कई असंतुष्ट विधायक विधानसभा अध्यक्ष से मिले और 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र सौंपे।

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने हालिया विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित तौर पर हुए हमलों के विरोध में मंगलवार को मध्य कोलकाता में अपना एक दिवसीय धरना दिया।

हमें रोकने के लिए मंच और माइक पर भी लगाई रोक:  ममता बनर्जी 

कोलकाता पुलिस द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को रानी रश्मोनी रोड पर धरना आयोजित करने की अनुमति देने से इंकार किए जाने के बाद ममता बनर्जी एस्प्लेनेड के वाई-चैनल स्थित धरना स्थल पर पहुंचीं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी का माहौल 

भीड़ को मेगाफोन के माध्यम से संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘हमें मंच स्थापित करने और माइक्रोफोन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई।’’ धरना-प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला और पूर्व मुख्यमंत्री के भाषण के बीच तृणमूल कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर अंदरूनी कलह और पार्टी नेताओं पर हुए हमले के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। टीएमसी में टूट की खबर अब खुलकर सामने आने लगी है, जिसके बाद ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती सामने आ गई है। इस बीच पूर्व सीएम ममता पार्टी के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं पर हुए हमले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने कोलकाता के एस्प्लेनेड के वाई-चैनल स्थित धरना स्थल पर पहुंची हैं। उनके साथ अभिषेक बनर्जी और कई विधायक भी मौजूद हैं।

ममता ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा- 'लड़ेंगे या मरेंगे'

कोलकाता पुलिस ने सोमवार (1 जून 2026) को ममता बनर्जी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमित नहीं दी थी। इसके बाद भी बंगाल की पूर्व सीएम विरोध प्रदर्शन करने पहुंची हैं। धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने कहा, 'बंगाल में पुलिस टीएमसी नेताओं को धमका रही है।' उन्होंने बीजेपी को अंतिम चुनौती देते हुए कहा, 'लड़ेंगे या मरेंगे।'

ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं।

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