ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी के भीतर जारी उथल-पुथल को और बढ़ाने वाले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार, पार्टी के छह विधायकों के साथ मंगलवार को कल्याणी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुईं।

राजीतिक अटकलों का दौर शुरू

तृणमूल कांग्रेस में अपने साथ हुए व्यवहार पर सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करने के बाद हाल में संगठनात्मक पद से इस्तीफा देने वाली दस्तीदार, बीजेपी सरकार के आधिकारिक मंच पर ऐसे समय में नजर आईं, जब पश्चिम बंगाल के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। बारासात सांसद के अलावा, बैठक में भाग लेने वालों में देगंगा के तृणमूल विधायक अनीसुर रहमान बिश्वास, स्वरूपनगर की बीना मंडल, हरोआ के मोहम्मद अब्दुल मतीन और बशीरहाट क्षेत्र के तीन और विधायक शामिल थे। कल्याणी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित बैठक में उत्तर 24 परगना, नादिया और हुगली जिलों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि एकत्र हुए थे।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के सरकार से बेदखली के बाद से पार्टी के अंदर उथल-पुथल मच गई है. अब टीएमसी सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात के संसदीय जिले के एआईटीसी जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में उन्हें वाई कैटेगिरी की सुरक्षा दी थी। इससे पहले उन्होंने उन्हें लोकसभा में चीफ व्हिप पद से हटा दिया था। कल्याण बनर्जी को दोबारा से यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे काकोली पार्टी के फैसले से नाराज चल रही थीं।

काकोली ने पत्र में क्या लिखा?

इस पूरे घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को बढ़ाते हुए, वाई कैटेगिरी की सुरक्षा मुहैया कराई थी। अब उनका पार्टी के इस पद से इस्तीफा देना ममता बनर्जी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। काकोली उन नेताओं में से हैं, जो ममता बनर्जी के बेहद करीबी मानी जाती रही थी।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया तेज करने के लिए विशेष ‘होल्डिंग सेंटर’ बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले को राज्य में अवैध घुसपैठ और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

जेल नहीं, होल्डिंग सेंटर में रखे जाएंगे अवैध प्रवासी

सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल के सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में लिखित निर्देश और विस्तृत गाइडलाइंस भेजी गई हैं। अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में ऐसे होल्डिंग सेंटर बनाने के लिए उपयुक्त जगह की पहचान करने और आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा गया है। प्रशासन का विशेष फोकस सीमावर्ती जिलों और उन इलाकों पर रखा गया है, जहां अवैध प्रवासियों के छिपे होने की संभावना अधिक मानी जा रही है।

कोलकाता: कोलकाता में दक्षिण दमदम नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद संजय दास (50) शनिवार को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित अपने घर पर कमरे में फंदे से लटके हुए मिले।नगरपालिका के ‘चेयरमैन-इन-काउंसिल’ संजय दास को एक स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह उत्तरी कोलकाता के नगर बाजार इलाके में रहते थे।

पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, हालांकि अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। स्थानीय नगरबाजार पुलिस थाने में अप्राकृतिक मृत्यु का एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि अनिवार्य पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद दास का शव उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा। इस घटना से दास के समर्थक और मित्र दुखी हैं। कई लोग अस्पताल परिसर के बाहर इंतजार करते देखे गए।

नगरपालिका के वार्ड नंबर 18 का प्रतिनिधित्व करने वाले दास, बिधाननगर तृणमूल पार्षद और पूर्व पार्टी विधायक अदिति मुंशी के पति देवराज चक्रवर्ती के करीबी माने जाते थे।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख