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कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि राज्य में बीजेपी सरकार आने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों और रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने के अभियान के खिलाफ टीएमसी के प्रस्तावित धरने को पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद पार्टी इस पर आगे बढ़ेगी और धरना देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग और छोटे व्यापारी भय में जी रहे हैं, जबकि रेहड़ी-पटरी वालों को उपयुक्त पुनर्वास योजना के बिना हटाया जा रहा है।

इस संकट से और मजबूत होकर उभरेगी टीएमसी: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा कि सत्तारूढ़ बीजेपी उनकी पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) के विधायकों को अपने पाले में करने के लिए ‘‘धन-बल’’ का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी स्वार्थ के लिए नेताओं के तृणमूल छोड़ने से संगठन का पुनर्निर्माण करने में मदद मिलेगी और पार्टी इस संकट से और मजबूत होकर उभरेगी। टीएमसी प्रमुख ने कहा, ‘‘लोग भयभीत क्यों हैं? लोग चिंतित क्यों हैं? पूरा माहौल बदल गया है। कोलकाता और बंगाल को अशिक्षित लोगों को सौंप दिया गया है।’’

कोलकाता: कथित रूप से हस्ताक्षर करने और जालसाजी मामले में सीआईडी की एक टीम सोमवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची है। जांच एजेंसी ने टीएमसी सांसद को सोमवार को पेश होने के लिए समन जारी किया था। पश्चिम बंगाल की सीआईडी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को समन भेजा था।

30 मई घर जाकर दिया था सीआईडी ने समन

इससे पहले डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के चार सदस्य की टीम 30 मई को सबसे पहले अभिषेक बनर्जी के हरीश मुखर्जी रोड स्थित घर पहुंची थी। उन्हें बताया गया कि सांसद मौजूद नहीं है। इस बीच टीएमसी के विधायक कुणाल घोष ने जानकारी दी कि सीआईडी अधिकारी हरीश मुखर्जी रोड वाले एड्रेस पर गए थे। तब अभिषेक बनर्जी राममोहन रॉय स्थित अपने घर पर थे। इसके बाद वह अपने कालीघाट रोड स्थित घर लौट आए। हरीश मुखर्जी रोड से कुछ ही दूरी पर है। उन्होंने कहा कि मैं अपने कालीघाट रोड वाले घर में रहता हूं। अगर उन्हें नोटिस देना है, तो उन्हें यहीं आना होगा।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (1 जून 2026) को बीजेपी पर उनकी पार्टी को तोड़ने और अभिषेक बनर्जी की हत्या कराने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों ने टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों के खिलाफ कल यानि 2 जून को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, तो वह अपना विरोध दिल्ली ले जाएंगी।

बीजेपी के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ममता ने किया एलान

पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी ने मंगलवार (2 जून 2026) को कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि वह आंदोलन जारी रखेंगी।

ममता बनर्जी ने कहा, 'टीएमसी और भी ज्यादा मजबूत होगी। आज जो लोग बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं कि पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं के साथ खड़े नहीं हैं, वे झूठी जानकारी फैला रहे हैं।

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के विधायक ऋतोब्रता बनर्जी और संदीपान साहा को निष्कासित कर दिया है। ऋतोब्रता बनर्जी उलुबेरिया पूर्व से विधायक हैं और संदीपान साहा एंटाली से टीएमसी के विधायक हैं। खबरों के मुताबिक, इस मामले में स्पीकर रथिंद्र बोस को पहले ही एक पत्र भेजा जा चुका है कि उलुबेरिया पूर्व के विधायक ऋतब्रत बनर्जी और एंटाली के संदीपान साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

साहा ने पार्टी के अंदर हुई कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया

इस कार्रवाई के बाद संदीपन साहा ने पार्टी के अंदर हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की बैठक में मौजूदगी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर प्रस्ताव में शामिल किए गए। उनके अनुसार, यह एक बड़ी गलती है और इस मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

संदीपन साहा ने कहा कि इस पूरे विवाद में अभिषेक बनर्जी का नाम इसलिए सामने आ रहा है क्योंकि उन्होंने पार्टी के महासचिव के रूप में विधायकों की सूची पर हस्ताक्षर किए थे।

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