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'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
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मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि एक बार फिर देश में 'ईस्ट इंडिया कंपनी' जैसी व्यवस्था लागू करने की कोशिश हो रही है। संजय राउत ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने जो अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अराजकता फैलेगी, मैं फिर कह रहा हूं—हां, अराजकता फैलेगी। अगर यह सरकार सत्ता में बनी रहती है तो अराजकता फैलना तय है। मैंने इसी बात की चेतावनी दी थी।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस पर ध्यान देना चाहिए। हमने सुप्रीम कोर्ट में अपना भरोसा जताया है, क्योंकि हमें लगता है कि यही एकमात्र संस्था है जो देश को बचा सकती है। देश की केंद्र सरकार तिरंगा फहराने का भी विरोध करती है तो इसका क्या मतलब है? यह सरकार, राष्ट्रवादियों या देशभक्तों की नहीं है और 'ईस्ट इंडिया कंपनी' जैसी व्यवस्था फिर से लागू करने की कोशिश हो रही है। महाराष्ट्र में सीएम देवेंद्र फडणवीस भी यही कर रहे हैं। अगर हम अपने ही देश में तिरंगा नहीं फहरा सकते तो फिर हमें क्या करने की इजाजत है? हमें किसका झंडा फहराना चाहिए?

नागपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर में जबरन घुसने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को लेकर अभिजीत दीपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। अभिजीत दीपके ने बुधवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी देश में ‘‘अघोषित आपातकाल’’ लागू कर रहे हैं।

सौरव और रांका की गिरफ्तारी पर भड़के अभिजीत दीपके

दीपके ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर कौन सा अपराध कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी से कहना चाहता हूं कि अगर आप देश में आपातकाल लगाना चाहते हैं, तो इसकी आधिकारिक घोषणा कीजिए।’’ दीपके ने कहा, ‘‘यह क्या है? कायरों की तरह काम करना और अघोषित आपातकाल लगाना, जहां जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर लोगों को पांच दिन की हिरासत में रख लिया जाता है? ऐसा तो आपातकाल के दौरान भी नहीं हुआ था।’’

छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा है कि उन्हें गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन नहीं रुकेगा।

दिल्ली मार्च से पहले अभिजीत दिपके की चेतावनी

छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस वार्ता के दौरान अभिजीत दिपके ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करे तो वे महात्मा गांधी को याद करें और जहां पुलिस उन्हें रोके, वहीं उस जगह को जंतर-मंतर बना दें। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से ‘रघुपति राघव राजा राम’ का जाप करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से सरकार डर गई है लेकिन जेल का डर दिखाकर आंदोलनकारियों को चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुझे गिरफ्तार कर लो, एनएसए लगा दो लेकिन हम लड़ते रहेंगे। दिपके ने दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए।

मुंबई: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में रविवार को विपक्षी दलों का प्रदर्शन हुआ। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने संयुक्त रूप से विरोध मार्च का नेतृत्व किया। ‘विराट गर्जना मोर्चा’ में कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के नेता भी शामिल हुए।

उद्धव बोले- 'तानाशाही' को कर देंगे दफन

यह मार्च मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर दक्षिण मुंबई स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुख्यालय तक निकाला गया। मार्च में शामिल प्रतिभागियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग की।

इस प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के झंडों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई थी। कार्यकर्ताओं और समर्थकों से केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर आने को कहा गया था।

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