ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

तिरूवनंतपुरम: केरल में 16 मई को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है और उसके नतीजे सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत यूडीएफ, माकपा नीत एलडीएफ और भाजपा के लिए अहम होंगे। सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के लिए यह न केवल राज्य में सत्ता बनाए रखने का संघर्ष है बल्कि यह सफलता वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के लिये राष्ट्रीय स्तर पर वापसी का मौका भी प्रदान करेगी। दूसरी ओर, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के लिए खासकर ऐसे वक्त जब वह कभी अपने मजबूत वाले राज्य रहे, पश्चिम बंगाल में वापसी की जद्दोजेहद कर रही है, इस चुनाव में हार उसके लिए तुषारापात होगी। केरल में एक एक बार शासन करने वाले इन दोनों मोर्चों को उस चुनौती से भी निबटना होगा जो भाजपा ने राज्य में हाल के नगर निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद पेश की है। यूडीएफ और एलडीएफ की दो ध्रुवीय राजनीति को भेदने में अबतक विफल रही भाजपा को इस बार भरत धरम जनसेना (बीडीजेएस) के रूप में एक राजनीतिक सहयोगी मिल गया है।

कोडुंगलूर (केरल): राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज (शनिवार) कहा कि भारत फिर से अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा केंद्र और सागर परिवहन क्षेत्र की बड़ी ताकत बनना चाहता है। मुखर्जी यहां एक विरासत संरक्षण परियोजना का उद्घाटन कर रहे थे। यह देश में अपने किस्म की सबसे बड़ी परियोजना है। मुजीरिस विरासत परियोजना केरल पर्यटन विभाग की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसे केंद्रीय पर्यटन विभाग के सहयोग से शुरू किया गया है। इसके तहत केरल में ऐतिहासिक महत्व के स्थलों, संग्रहालयों, उपासनास्थलों और पुरातात्विक स्मारकों को संरक्षित किया जाएगा। राष्ट्रपति ने इस परियोजना को विरासत संरक्षण और पर्यटन प्रोत्साहन की दृष्टि से कई मायनों में एक सराहनीय पहल बताया। मुखर्जी ने कहा, ‘मुजीरिस विरासत परियोजना देश में विरासत संरक्षण की सबसे बड़ी और केरल की पहली हरित परियोजना है और इसके कई अंग ऐसे है जिन पर गर्व किया जा सकता है।’

कोच्चि: देशद्रोह संबंधी कानून को लेकर चल रही चर्चा के बीच राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय दंड संहिता को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालने के लिए विस्तृत समीक्षा की जरूरत है और ‘प्राचीन’ पुलिस प्रणाली में बदलाव लाने की आवश्यकता है। आईपीसी की 155वीं वषर्गांठ के अवसर पर वर्ष भर लंबे समारोह के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘पिछले 155 वर्षों में आईपीसी में बहुत कम बदलाव हुए हैं। अपराधों की प्रारंभिक सूची में बहुत कम अपराधों को जोड़ा गया और उन्हें दंडनीय बनाया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘अभी भी संहिता में ऐसे अपराध हैं, जो ब्रिटिश प्रशासन द्वारा औपनिवेशिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाए गए थे। अभी भी कई नवीन अपराध हैं जिन्हें समुचित तरीके से परिभाषित करना और संहिता में शामिल किया जाना है।’ उन्होंने कहा कि अपराधिक कानून के लिए यह संहिता एक आदर्श कानून थी, लेकिन ‘21वीं सदी की बदलती जरूरतों के अनुसार उसमें विस्तृत समीक्षा की जरूरत है।’ जेएनयू प्रकरण को लेकर देशद्रोह का कानून आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है।

कोझिकोड: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शनिवार को केरल को पहला डिजिटल राज्य घोषित करने और यूएल साइबर पार्क देश को समर्पित करने के साथ पांच अहम परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। अन्य दो परियोजनाओं में राष्ट्रपति केरल सरकार के सामाजिक न्याय विभाग के जेंडर पार्क देश को समर्पित करेंगे और राज्य सरकार के डिजिटल सशक्तिरण अभियान और 'कनिवु' (करुणाशील केरल) की शुरुआत की जाएगी। यूएल साइबर पार्क परिसर में एक कार्यक्रम में सभी परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी, जिसमें राज्यपाल पी. सदाशिवम और मुख्यमंत्री ओमन चांडी के अलावा अन्य हस्ती मौजूद रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि स्वायत्त संस्थान जेंडर पार्क लैंगिक मुद्दे के हल और विकास में लैंगिक असमानता के समाधान के लिए देश में अपनी तरह का पहला मंच है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख