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कोच्चि: केरल में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार को यहां अयोजित आरएसएस और संघ परिवार के अन्य संगठनों की एक बैठक में माकपा पर सीबीआई को ‘डराने’ का आरोप लगाया गया जो राजनीतिक हत्याओं के मामलों की जांच कर रही है। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कुम्मानम राजशेखरन ने कहा कि बैठक में राज्य में माकपा के ‘कामकाज की शैली’ को लेकर चर्चा हुई और आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं को ‘निशाना बनाने और हत्या करने’ को लेकर मुख्य वामपंथी पार्टी की निंदा की गई। राजशेखरन ने माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा कन्नूर और कोझिकोड जिलों में कथित तौर पर राजनीतिक हत्याओं को लेकर कहा, ‘वे (माकपा) राज्य में शांति और कानून का शासन नहीं चाहते हैं। वे हत्याएं करने में शामिल हैं। वे सीबीआई को अपने पार्टी के नेताओं की संलिप्तता वाले हत्या मामलों की जांच करने से रोक रहे हैं।

कोट्टायम: केरल के कोट्टायम जिले में उपभोक्ता अदालत ने रेलवे को उस यात्री को 13 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे साल 2012 में दूरंतो एक्सप्रेस के एक एसी कोच में मुंबई से एर्नाकुलम जाते वक्त एक चूहे ने काट लिया था। वाझूर के रहने वाले बुश सीजे ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उसने ट्रेन के थर्ड एसी कोच में चूहे के काटने पर मेडिकल सहायता मांगी, लेकिन एर्नाकुलम और कोट्टायम रेलवे स्टेशनों के अधिकारियों ने उसका इलाज नहीं कराया। उन्होंने कहा कि यह घटना 11 मार्च 2012 को सुबह करीब चार बजे की हुई, जब वह सो रहे थे। उपभोक्ता विवाद निपटारा मंच ने रेलवे अधिकारियों की यह दलील खारिज कर दी कि बुश ने उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी।

कन्नूर: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता की हत्या के आरोप में माकपा के आठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों का संबंध माकपा से है, लेकिन अभी तक हत्या के पीछे कोई राजनैतिक वजह सामने नहीं आई है। फिर भी, सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। आरएसएस कार्यकर्ता सुजीत के घर में सोमवार रात हथियारबंद लोग घुसे थे। इन लोगों ने सुजीत पर हमला किया, उसके भाई और माता-पिता को भी नहीं बख्शा। अस्पताल ले जाने के दौरान सुजीत की मौत हो गई। मामले में गिरफ्तारियां करने वाले वालापत्तनम पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा कि पुलिस को सुजीत की हत्या के पीछे कोई राजनैतिक कारण नहीं मिला है। कन्नूर माकपा के वरिष्ठ नेता एम.वी.जयराजन ने कहा, मामले का राजनीति से संबंध नहीं है। हमारा मानना है कि यह छेड़छाड़ के एक मामले की प्रतिक्रिया में हुई घटना है।

तिरूवनंतपुरम: जानीमानी बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन का मानना है कि गोमांस खाने के लिए लोगों की हत्या असहिष्णुता नहीं बल्कि एक ‘जघन्य अपराध’ है और इस पर रोक लगनी चाहिए। तसलीमा ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि यहां अचानक असहिष्णुता शुरू हो गई है..एक देश के तौर पर भारत असहिष्णु नहीं है क्योंकि भारत में संविधान और कानून है जो असहिष्णुता का समर्थन नहीं करता। कुछ लोग हर जगह असहिष्णु होते हैं..सख्त कानूनों के चलते आप असहिष्णुता का आचरण नहीं कर सकते। यहां बड़ी संख्या में धर्मनिरपेक्षतावादियों ने असहिष्णुता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, यह एक अच्छा संकेत है।’’ हाल में कोझीकोड साहित्य महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए केरल आयी तसलीमा ने एक मलयाली टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘गोमांस खाने के लिए लोगों की हत्या करना असहिष्णुता नहीं बल्कि जघन्य अपराध है।

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