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जम्मू: माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शुक्रवार देर रात यह निर्णय लिया। बोर्ड ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है।

यात्रियों को सावधान रहने की सलाह

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने जम्मू, रियासी और कटरा क्षेत्र में 5 से 7 अक्टूबर तक लगातार बारिश, तेज हवाएं और भूस्खलन की आशंका जताई है। इस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से पहाड़ी रास्तों पर न जाने और यात्रा की योजना स्थगित करने की अपील की है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया, "भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से निलंबित किया जा रहा है।"

नई दिल्ली: कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेता सज्जाद कारगिल ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और लद्दाख को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। सज्जाद कारगिल ने कहा कि सरकार जिस तरीके से इस मामले को नियंत्रित कर रही है उससे लद्दाख के लोगों में असुरक्षा और अलगाव की भावना और बढ़ेगी।

सज्जाद कारगिली ने राजधानी दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "आपने देखा होगा कि लद्दाख को लोगों ने माइनस तापमान में लेह में प्रदर्शन किया, जम्मू में प्रदर्शन किया यहां तक कि दिल्ली में भी आकर प्रदर्शन किया। कई बार बातचीत भी हुई।" उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है। सोनम वांगचुक पहले इस प्रदर्शन में शामिल नहीं थे, अभी शामिल हुए। हम चाह रहे थे कि वह भी बातचीत में हमारे साथ जाएं।

उन्होंने कहा, "सरकार ने जिस तरह से लद्दाख के आंदोलन को मोड़ने की कोशिश की और सोनम और दूसरे 40 लोगों को जेल में बंद किया हुआ है। ऐसे समय में जब देश कई तरह की चुनौतियों से जुझ रहा है, ऐसे में लद्दाख जैसे नाजुक क्षेत्र के लोगों के साथ इस तरह के बर्ताव से उनमें असुरक्षा और अलगाव की भावना और बढ़ेगी।"

लेह: लद्दाख में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस घटना के एक दिन बाद हुई, जब लेह में बंद और विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई थी। वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम उन्हें लेकर उनके घर जा रही है।

स्थानीय संगठनों और वांगचुक समर्थकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष संरक्षण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। आंदोलन के तेज़ होने के साथ ही प्रशासन ने एहतियातन कई इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, सोनम वांगचुक को शाम 2:30 बजे निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने से पहले ही लद्दाख पुलिस प्रमुख एस.डी. सिंह जम्वाल के नेतृत्व में गिरफ्तार किया गया।

लेह: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने एक दिन पहले लद्दाख के लेह में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के लिए मोदी सरकार द्वारा उन्हें जिम्मेदार ठहराए जाने को ‘‘बलि का बकरा’’ बनाने की रणनीति करार देते हुए गुरुवार को कहा कि इसका उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र की मूल समस्याओं से निपटने से बचना है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक को उग्र हिंसा भड़काने का जिम्मेदार ठहराया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जलवायु कार्यकर्ता ने कहा कि वह कड़े जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया, ‘‘ये कहना कि यह (हिंसा) मेरे या कांग्रेस द्वारा भड़काई गई थी, समस्या के मूल से निपटने के बजाय बलि का बकरा ढूंढ़ने जैसा है, और इससे कोई हल नहीं निकलेगा।’’ वांगचुक ने कहा, ‘‘वे किसी को बलि का बकरा बनाने की चालाकी कर सकते हैं, लेकिन वे बुद्धिमान नहीं हैं। इस समय, हम सभी को ‘चतुराई’ की बजाय बुद्धिमत्ता की आवश्यकता है, क्योंकि युवा पहले से ही निराश हैं।’’ जलवायु कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘मैं देख रहा हूं कि वे कुछ ऐसा मामला बना रहे हैं, ताकि मुझे जन सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार करके दो साल के लिए जेल में डाल सकें।"

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