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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गैर-लाभकारी संस्था का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। आरोप है कि एनजीओ ने विदेशी फंडिंग से जुड़े कानून का बार-बार उल्लंघन किया। यह कदम वांगचुक के नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेश में राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के 24 घंटे बाद लिया गया। गृह मंत्रालय ने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एसईसीएमओएल) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया जो सोनम वांगचुक से जुड़ी है।

सोनम वांगचुक ने 1988 में की थी संस्था की स्थापना

इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो ने वांगचुक से जुड़े संस्थानों में एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन) कानून के कथित उल्लंघन की जांच शुरू की थी। एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच कुछ समय से चल रही थी, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख की स्थापना 1988 में सोनम वांगचुक ने की थी।

लेह: लद्दाख के लेह में बुधवार को भड़की हिंसा के बाद हालात काबू में रखने के लिए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है। झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई। 80 से अधिक घायल हो गए। पुलिस ने अब तक 50 लोगों को हिरासत में लिया है।

भाजपा कार्यालय और कई वाहन फूंके

हंगामा उस समय बढ़ा जब लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) की राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर बुलाए गए बंद के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हिल काउंसिल मुख्यालय में तोड़फोड़ की।

अगली वार्ता 6 अक्तूबर को

कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में बंद बुलाया था। हालात बिगड़ने पर जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत धारा-144 जैसी पाबंदियां लागू कर दीं। सुरक्षा बलों की तैनाती कारगिल, जंस्कार, नुब्रा, द्रास, चांगथांग और लामायुरू तक बढ़ा दी गई है।

लेह: लेह में जेन-ज़ेड ने बुधवार (24 सितंबर) को केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने सीआरपीएफ की गाड़ी को आग लगा दी। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हो गई। वांगचुक बीते कई महीनों से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक इसको लेकर किसी भी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया है।

लद्दाख के पूर्ण राज्य की मांग को लेकर छात्रों-पुलिस की झड़प

दरअसल सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लद्दाख में कई दिनों से अनशन पर बैठे थे। वे लद्दाख को छठी अनुसूची में रखने और उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। लेह में छात्रों ने वांगचुक के समर्थन में बुधवार (24 सितंबर) को विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का प्रदर्शन इतना उग्र था कि उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई। पुलिस ने मामले को शांत करवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन और ज्यादा भड़क गया।

श्रीनगर: आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ श्रीनगर पहुंचे आप सांसद संजय सिंह को सरकारी गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया। इस दौरान न तो उन्हें किसी को मिलने की इजाजत दी गई और न ही किसी को उनसे मिलने दिया गया। इससे जम्मू-कश्मीर में सियासी पारा चढ़ गया है। संजय सिंह ने कहा कि 'तानाशाही चरम पर है। मैं इस समय श्रीनगर में हूं। लोकतंत्र में हक के लिए आवाज उठाना आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।'

फारूक अब्दुल्ला को भी संजय सिंह से नहीं मिलने दिया

इस बीच आप सांसद संजय सिंह से मिलने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला सर्किट हाउस पहुंचे, तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भी भीतर जाने की अनुमति नहीं दी। ऐसे में आप सांसद डॉ फारूक अब्दुल्ला से मिलने के लिए गेट पर ही पहुंच गए। क्योंकि गेट ऊंचा था, तो वह गेट पर चढ़कर फारूक अब्दुल्ला से बात करने लगे। उन्होंने वहां तैनात पुलिस अधिकारियों से कहा कि उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है कम से कम डॉ फारूक को उनसे बात करने के लिए भीतर तो आने दो।

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