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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार जम्मू और कश्मीर में स्थायी शांति स्थापित करने तथा आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गृह मंत्री ने कल नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आतंकरोधी अभियान, आतंकवादी ढांचे और आतंकवाद के लिए धन जुटाने को निशाना बनाने का काम मिशन मोड में जारी रहना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के लगातार और समन्वित प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी इको-सिस्टम कमज़ोर हो गया है।

गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति को मज़बूत करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की भी सराहना की। शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और तालमेल बनाकर काम करते रहने का निर्देश दिया ताकि अनुच्छेद-370 हटाने के बाद हासिल स्थिति को बनाए रखा जा सके। उन्‍होंने कहा कि इसके साथ ही जल्द से जल्द आतंकवाद मुक्त जम्मू और कश्मीर का लक्ष्य भी हासिल किया जा सके।

नई दिल्ली: जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके पति के भाषण का मकसद हिंसा फैलाना नहीं, बल्कि उसे खत्म कराना था, और उन्हें अपराधी दिखाने के लिए तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। गीतांजलि ने शीर्ष अदालत को यह भी बताया कि वांगचुक को उनकी हिरासत के पूरे आधार नहीं बताए गए और उन्हें हिरासत के खिलाफ संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का सही मौका नहीं दिया गया। इस मामले में सुनवाई अधूरी रही और 12 जनवरी को जारी रहेगी।

रासुका के तहत हिरासत में हैं वांगचुक

लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दो दिन बाद वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था। इस विरोध प्रदर्शनो में केंद्र शासित प्रदेश में चार लोग मारे गए और 90 अन्य घायल हो गए थे। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।

नई दिल्ली: जेल में बंद लद्दाख के क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत को चुनौती दी है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई 8 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी थी। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा कि पीठ गुरुवार को इस पर सुनवाई करेगी।

वांगचुक की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। इस मामले की सुनवाई इससे पहले जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारी की पीठ ने की थी। याचिका में दावा किया गया है कि वांगचुक की हिरासत अवैध और मनमानी है, जो उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।

केंद्र ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की ओर से 24 नवंबर को आंगमो की अर्जी पर जवाब देने के लिए समय देने का अनुरोध किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी थी।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि हम हिंदुत्व नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि उनके (भाजपा) सहयोगी ही महिलाओं के हिजाब और नकाब हटा रहे हैं।

जय श्रीराम बोलने के लिए मजबूर करेंगे तो हम ऐसा नहीं करेंगे

पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने श्रीनगर में हिजाब विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि हम यहां आपके हिंदुत्व को नहीं चलने देंगे। अगर आप हमें जय श्रीराम या भारत माता की जय कहने के लिए मजबूर करेंगे तो हम ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम देख रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में कश्मीरी छात्रों और कश्मीरी शॉल विक्रेताओं के साथ मारपीट हो रही है। इसलिए हम यहां पर हिंदुत्व विचारधारा को हावी नहीं होने देंगे।

दरअसल, बीते दिसंबर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय में एक कार्यक्रम के दौरान आयुष डॉक्टर का हिजाब खींचा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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