ताज़ा खबरें
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद
'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
अनंत सिंह को जेडीयू ने पार्टी से निकाला, पत्नी पर भी लिया एक्शन
जामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हंगामा, क्लासेज ऑनलाइन चलेंगी

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान खान ने पाकिस्तान सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों ने दावा किया है कि सरकार जेल में बंद उनके पिता को मारने की कोशिश कर रही है।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान के बेटों ने अपने पिता की सुरक्षा और जेल में उनके साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार उनके पिता को लेकर लगातार ऐसा रवैया अपना रही है, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है।

जेमिमा गोल्डस्मिथ के बेटे हैं कासिम और सुलेमान

73 वर्षीय इमरान खान 3 साल से जेल में हैं। अगस्त 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई कानूनी मामले सामने आए। इसके बाद से वह अलग-अलग मामलों में जेल में रहे हैं। इमरान खान के बेटे कासिम और सुलेमान, उनकी पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ के बेटे हैं।

काठमांडू: नेपाल में चीन सीमा के पास आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ के बाद अब तक 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें विदेशी पर्यटक, ट्रेकर्स और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं। लापता लोगों में 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनसे अब तक संपर्क नहीं हो पाया है और उनकी तलाश के प्रयास जारी हैं। इस बीच नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि लेंडे नदी का बहाव रुकने से एक अस्थायी झील बन गई है।

त्रिशूली हाइड्रोपावर में फंसे 350 लोग रेस्क्यू

बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान में नेपाली सेना को बड़ी सफलता मिली है। त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। नेपाली सेना की टीम ने टनल में फंसे सभी लोगों का रेस्क्यू किया। इस हाइड्रोपावर परियोजना में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे। त्रिशूली नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल आती है और अपने तेज बहाव तथा व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लिए जानी जाती है।

काठमांठू: इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) और नेपाल सरकार के वैज्ञानिक आकलनों के अनुसार, 47 ग्लेशियल झीलों को 'संभावित रूप से खतरनाक ग्लेशियल झीलें' (पीडीजीएलएस) के रूप में चिन्हित किया गया है। चेतावनी दी गई है कि इन झीलों से कभी भी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (ग्लोफ) आ सकता है, जो नेपाल की नदी प्रणालियों में विनाशकारी बाढ़ का कारण बन सकता है।

इन मोरेन झीलों को बताया गया सबसे ज्यादा जोखिम वाला क्षेत्र

इन 47 झीलों में से 21 नेपाल में स्थित हैं, जबकि 25 झीलें तिब्बत में हैं और सीमा पार की श्रेणी में आती हैं। ये झीलें उन नदियों के ऊपरी हिस्से में स्थित हैं जो दक्षिण की ओर बहते हुए नेपाल में प्रवेश करती हैं, इसलिए ये नीचे बसे समुदायों और बुनियादी ढांचे के लिए संभावित खतरा पैदा करती हैं। इस पूरी सूची में से आपदा प्रबंधन अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने कुछ तेजी से फैल रही, मोरेन (पत्थर और मलबे) से बनी बांधनुमा झीलों को विशेष रूप से चिन्हित किया है।

काठमांडू: नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में 162 लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में सुरक्षाकर्मी और पर्यटक भी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान का काम जारी है। बाढ़ के तेज बहाव ने नेपाल के कई इलाकों में परिवहन और संपर्क व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। इसके चलते कई क्षेत्रों का संपर्क दूसरे इलाकों से टूट गया है और राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं।

इस आपदा की चपेट में जलविद्युत परियोजनाएं और कई वाहन भी आए हैं। बाढ़ से 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है, जबकि कई वाहन तेज बहाव में बह गए। नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों में अभियान चलाकर 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। नेपाल में अब भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इनमें 139 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख