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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में चीन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चीन ने करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का संवेदनशील डेटा चुरा लिया है। ट्रंप ने इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और चुनावी व्यवस्था समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।

डेटा चोरी को बताया चुनावी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

ट्रंप ने कहा कि चोरी किए गए डेटा में मतदाताओं के नाम, पते, फोन नंबर, राजनीतिक दलों से जुड़ी प्राथमिकताएं और अन्य संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं। उनके मुताबिक, इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा सकता है।

'सच्चाई छिपाने की कोशिश हुई'

राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि कुछ सरकारी अधिकारियों और तथाकथित "डीप स्टेट" से जुड़े लोगों ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। उनका कहना था कि मौजूदा चुनावी प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष नहीं है तथा इसमें सुधार की जरूरत है।

तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका ने बृहस्पतिवार तड़के ईरान पर अपने हमले और तेज कर दिए। अमेरिकी सेना ने इस बार ईरान के और अधिक उत्तरी इलाकों को निशाना बनाया और साथ ही एक ऐसे जहाज पर भी गोलीबारी की, जिस पर नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच कई दिनों से जारी जवाबी हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव ने ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को लगभग खत्म कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र में फिर से पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है।

हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत, 300 से अधिक घायल

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 300 से अधिक घायल हुए हैं। ताजा हमलों के दौरान पहली बार ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया गया।

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरने वाले कार्गो जहाजों पर लगाए जाने वाले 20 प्रतिशत ‘होर्मुज टोल’ लगाने के फैसले को वापस ले लिया है। इसके बदले अब ट्रंप ने खाड़ी सहयोग परिषद में शामिल देशों के साथ व्यापार और इनवेस्टमेंट से जुड़े बड़े-बड़े समझौते करने का फैसला कर लिया है।

होर्मुज को सुरक्षित करने से यूएस में आने वाले निवेश का स्वागत है: ट्रंप

उन्होंने व्हाइट हाउस में इराक के प्रधानमंत्री के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात की घोषणा की। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज से गुजरने के लिए किसी को भी कोई शुल्क नहीं लेना चाहिए। वहीं, एक दिन पहले सोमवार (13 जुलाई, 2026) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत टोल (शुल्क) लगाएगा। हालांकि, ट्रंप ने बताया कि खाड़ी के देशों ने उनसे इस मामले को लेकर संपर्क किया और कहा कि वे इसके बजाय अमेरिका में निवेश करना पसंद करेंगे।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अमेर‍िका को 'होर्मुज स्‍ट्रेट का संरक्षक' बताया है। साथ ही यहां से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रत‍िशत शुल्‍क वसूलने की बात कही है। अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि ने एक तरह से 'होर्मुज स्‍ट्रेट' पर अमेर‍िका के न‍ियंत्रण का दावा क‍िया है। उनके अनुसार, यह समुद्री मार्ग अमेर‍िका की न‍िगरानी में सभी देशों के ल‍िए पूरी तरह से खुला रहेगा, केवल ईरान से जुड़े जहाजों और ग्राहकों पर इस मार्ग के इस्‍तेमाल पर रोक रहेगी।

जहाजों की आवाजाही पर 20 फीसदी शुल्‍क का किया एलान

अमेर‍िकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'ट्रुथ' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''होर्मुज स्‍ट्रेट खुला है और यह ईरान के बिना भी खुला रहेगा। हम अब 'ईरानी नाकाबंदी' को फिर से लागू कर रहे हैं। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि ईरान के जहाजों या ईरान से जुड़े ग्राहकों के आने-जाने पर रोक होगी। बाकी सभी देशों के लिए इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल निष्पक्ष और खुला रहेगा।''

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