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वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी सेना ने बुधवार को घोषणा की कि वह ईरान पर लगातार 12वीं रात भी हवाई हमले कर रही है। इन हमलों में दोनों पक्षों की ओर से असैन्य बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाया जा रहा है। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (सेंटकॉम) ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ‘‘क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले असैन्य नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है।’’ अमेरिका, होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सामान्य करने का प्रयास कर रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि यदि ईरान जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला करेगा तो अमेरिका उसके जवाब में एक पुल या बिजली संयंत्र को नष्ट कर देगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘अब से, इस्लामी गणराज्य ईरान जब भी होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से निशाना साधेगा, अमेरिका उसके एक पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी करेगा और उसे नष्ट कर देगा।’’

यरूशलेम: इजरायल ने अमेर‍िका के ईंधन भरवाने वाले सैन्‍य विमान की रिफ्यूलिंग पर असहमति जताई है। ईरान के साथ जारी संघर्ष के चलते बड़ी संख्‍या में अमेर‍िकी सैन्‍य एयरक्राफ्ट रिफ्यूलिंग के ल‍िए इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंच रहे हैं, ज‍िस कारण वहां की यात्र‍ी व‍िमानों की फ्लाइट्स प्रभाव‍ित हो गई हैं।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, एक इजरायली अधिकारी ने बयान जारी कर और अध‍िक व‍िमानों की रिफ्यूलिंग पर असहमत‍ि जताई है। अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अमेरिका के और अधिक ईंधन भरने वाले विमान पहुंचते हैं, तो इससे उड़ानों को रद्द करना पड़ सकता है और देरी भी हो सकती है।

आईआरएनए के अनुसार, इजरायल ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी के हवाले से इजरायल एयरपोर्ट्स अथॉरिटी के महानिदेशक शेरोन केडमी ने कहा कि अगर बेन गुरियन एयरपोर्ट को अमेरिका के और रिफ्यूलिंग विमानों को जगह देनी पड़ी, तो वह सभी तय उड़ानों को संभाल नहीं पाएगा।

वाशिंगटन: अमेरिका स्थित अधिकार समूह 'हिंदू्स फॉर ह्यूमन राइट्स' के कार्यकर्ताओं ने न्यूयॉर्क और सैन जोस में प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित किए गए। सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली के विरोध में नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सोमवार शाम कार्यकर्ता न्यूयॉर्क शहर के यूनियन स्क्वायर और सैन जोस में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास इकट्ठा हुए। वे हाथों में सोनम वांगचुक के समर्थन में लिखे बैनर और तख्तियां लिए हुए थे।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रखी। संस्था ने मंगलवार को जारी एक बयान में बताया कि लंदन में भारतीय उच्चायोग और डबलिन में भारतीय दूतावास के बाहर भी ऐसे ही प्रदर्शन हुए। संगठन ने कहा कि न्यूयॉर्क, लंदन, सैन जोस या डबलिन से एक साफ संदेश गया है कि भारत के छात्र सम्मान और निष्पक्ष व्यवहार के हकदार हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं के आयात को लेकर बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर फिलहाल दो साल तक कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा, लेकिन अगस्त 2028 से इन पर 100 फीसदी शुल्क लागू होगा और उसके बाद इसे बढ़ाकर 200 फीसदी कर दिया जाएगा। यह कदम अमेरिका में दवा निर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी कंपनियों को स्थानीय उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

क्या है ट्रंप की नई नीति?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर दो वर्षों तक शून्य प्रतिशत टैरिफ रहेगा। इसके बाद एक साल के लिए 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा और फिर इसे 200 फीसदी तक बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नीति उन कंपनियों पर दबाव बनाने के लिए है जो निर्धारित समय के भीतर अमेरिका में अपने संयंत्र और उपकरण स्थापित नहीं करती हैं।

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