ताज़ा खबरें
मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी का था केस
जामिया यूनिवर्सिटी में दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का एलान
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत और एक के लापता होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और जॉर्डन में हुए हमले का जवाब देना है।

जॉर्डन हमले के बाद भड़का अमेरिका

सैंंटकॉम के अनुसार, शनिवार शाम 6 बजे (ईस्टर्न टाइम) अमेरिकी सेना ने ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद होर्मुज क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की क्षमताओं को कमजोर करना है।

मॉस्को/कीव: यूक्रेन ने शनिवार तड़के रूस के कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। रूसी अधिकारियों के अनुसार, मास्को से दक्षिण-पूर्व स्थित तांबोव क्षेत्र के कोटोव्स्क शहर में एक लॉजिस्टिक्स सेंटर पर हुए ड्रोन हमले में 7 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 24 से 25 लोग घायल हुए हैं।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, तांबोव के गवर्नर येवगेनी पेर्विशोव ने बताया कि हमला रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज के स्वामित्व वाले वेयरहाउस पर हुआ। उनके मुताबिक, सभी मृतक नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। गवर्नर ने दावा किया कि रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले 28 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। उन्होंने कहा कि यदि सभी ड्रोन अपने निशाने तक पहुंच जाते, तो नागरिक हताहतों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।

वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार एक अलग घटना में ड्रोन हमले से एक तेल डिपो में आग लग गई। इसकी जानकारी मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने दी।

वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में दोबारा शुरू जंग के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के रिश्तों में दरार साफ तौर पर देखने को मिल रही है। दो हफ्तों तक कोशिश करने के बाद भी नेतन्याहू को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिलने का समय नहीं दिया गया।

इजरायली पीएम ने रद्द की वाशिंगटन यात्रा

इसके बाद नेतन्याहू ने अगले हफ्ते होने वाले अपने अमेरिकी दौरे को रद्द कर दिया। डेढ़ साल पहले ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से नेतन्याहू छह बार ओवल ऑफिस आ चुके हैं, जो दुनिया के किसी भी दूसरे नेता से ज्यादा है। इनमें से हर मीटिंग कुछ घंटों या दिनों के अंदर तय हो गई थी। इस बार, नेतन्याहू दो हफ्ते से ज्यादा समय से अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं मिली। ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में 'एएक्सआईओएस' को बताया था कि नेतन्याहू ने उन्हें 250वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने के लिए फोन किया था और व्हाइट हाउस में उनसे मिलने की इच्छा जताई थी।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर पीओके में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है तो दूसरी ओर बलूचिस्तान ने खुद को आजाद देश ही घोषित कर दिया है। इस बीच बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानि बीएलए ने दावा किया है कि उसने मस्तुंग में पाकिस्तान आर्मी के काफिले पर अटैक किया है, जिसमें 45 सैनिक मारे गए हैं।

बीएलए ने अटैक को लेकर जारी किया बयान

बीएलए ने दावा किया कि बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में पाकिस्तान आर्मी के जवानों को ले जा रहे एक काफिले पर अटैक किया है। इस हमले में 45 से ज्यादा पाक सैनिक मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हैं। पाकिस्तान आर्मी की ओर से काफिले पर अटैक की पुष्टि की गई है, हालांकि कितने जवान मारे गए हैं, इस पर कोई जानकारी नहीं दी। यह हमला गुरुवार को क्वेटा-कराची हाईवे पर खदकुचा के पास हुआ है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख