ताज़ा खबरें
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद
'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
अनंत सिंह को जेडीयू ने पार्टी से निकाला, पत्नी पर भी लिया एक्शन
जामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हंगामा, क्लासेज ऑनलाइन चलेंगी

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर नहीं होगा। अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित एक साक्षात्कार में, पेज़ेश्कियन ने युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से अमरीका के साथ वार्ता करने और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के अपनी सरकार के निर्णय का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि जब तक अमरीका समझौते के अंतर्गत अपने दायित्वों को पूरा करता है, ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेगा। उन्होंने कहा कि यदि अमरीका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहता है, तो ईरान इसे जारी रखने के लिए बाध्य नहीं होगा।

इससे पहले अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने विश्वास जताया था कि ईरान के साथ संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने दोहराया कि अमरीका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को 11 के मुकाबले 86 मतों से पारित किया गया। विधेयक का मकसद रूस की ऊर्जा से होने वाली कमाई पर दबाव बढ़ाना और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को आर्थिक समर्थन मिलने से रोकना है।

भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क

विधेयक के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस के सबसे बड़े खरीदार पांच देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार मिलेगा। इस सूची में चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं। यानी इन देशों को रूस से सस्ती ऊर्जा खरीदने और अमेरिका के साथ व्यापार करने के बीच विकल्प चुनना पड़ सकता है। विधेयक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूसी अधिकारियों, धनाढ्य कारोबारियों और वित्तीय संस्थानों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्याप्त हथियारों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कहा है कि अमेरिका के पास बड़ी मात्रा में हथियार मौजूद हैं। ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

सोशल मीडिया पोस्ट में ये भी दावा किया कि जरूरत के मुताबिक बड़ी मात्रा में हथियार तैयार किए जा रहे हैं और उनकी सप्लाई भी लगातार की जा रही है।

ट्रंप ने लिखा, "अमेरिका के पास कुछ खास तरह के गोला-बारूद बहुत ज्यादा मात्रा में हैं। इसके अलावा, जरूरत के हिसाब से बड़ी मात्रा में इसका निर्माण भी जारी है। अमेरिकी रक्षा कंपनियां हमारे देश के इतिहास में सबसे ज्यादा प्लांट और फैक्ट्रियां लगा रही हैं। इससे अमेरिका की रक्षा उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी।"

अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त अंदाज में उन्होंने कहा कि यूएस के खिलाफ ऐसी खबरें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। उन्हें जेल की सजा मिलेगी।

सियोल: दक्षिण कोरिया की सेना ने गुरुवार को दावा किया कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर में शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि मिसाइल को नॉर्थ में पूर्वी तटीय वॉनसन इलाके से शाम करीब 5 बजे (स्थानीय समयानुसार) लॉन्च किया गया था। मिसाइलों की संख्या को लेकर फौरी तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जेसीएस ने कहा, "हमारी सेना भविष्य की किसी भी संदिग्ध लॉन्चिंग को लेकर पूरी तरह सतर्क है। हम अमेरिका और जापान के साथ हर जरूरी जानकारी साझा कर रहे हैं। "

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने 25 जून को 1950-53 के कोरियन वॉर के शुरू होने की 76वीं बरसी पर दक्षिण कोरियाई सीमा के पास सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों और उन्नत मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के प्रमुख हथियारों के परीक्षणों का निरीक्षण किया था।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख