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भोपाल: भोपाल में महिला कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर आंदोलन, चंदे और भाजपा-आरएसएस को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन की लड़ाई भाजपा या आरएसएस ने नहीं, बल्कि संतों और मठों ने लड़ी थी। साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदा मामले में अयोध्या जाकर मुकदमा दर्ज कराने का भी एलान किया।

'राम मंदिर की लड़ाई आरएसएस और बीजेपी ने नहीं लड़ी'

दिग्विजय सिंह ने कहा, "हनुमान गढ़ी और गोरखनाथ मठ ने राम मंदिर की लड़ाई लड़ी। न तब वहां आरएसएस थीं और ना तब वहां बीजेपी पार्टी थी। भगवान राम से प्रेम इन्हें तब उमड़ा जब इनके केवल 2 सांसद बचे।" उन्होंने आगे कहा, "ये लोग धर्म को बेचकर अपनी कमाई करते हैं और उस कमाई से वोट खरीदते हैं, विधायक खरीदते हैं, सांसद खरीदते हैं। हमारे ही चंदा की चोरी कर यह खरीद रहे हैं। मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाया जा रहा है।"

भोपाल: कांग्रेस ने सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर कथित भूमि घोटाले को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस मामले में उन्हें जवाबदेह ठहराने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी। मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने जनता के सवालों का जवाब नहीं दिया तो 30 जून से 'जवाब दो अभियान' शुरू किया जाएगा।

संघर्ष लगातार जारी रखेगी कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि इसमें किसी भी प्रकार का संदेह नहीं है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने निजी लाभ के लिए किए गए इस बड़े भूमि घोटाले के 'मास्टरमाइंड' हैं। उन्होंने कहा, "कांग्रेस उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए उनके इस्तीफे की मांग को लेकर अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगी, क्योंकि उन्हें जवाबदेह ठहराने का यही एकमात्र रास्ता है।"

भोपाल: मध्य प्रदेश के उज्जैन में भूमि घोटाले में सीएम मोहन यादव का नाम आने पर राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे ‘‘महाकाल की जमीन की लूट’’ करार देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ा कलंक है और मेरा मानना ​​है कि हाल ही में हुआ स्टिंग ऑपरेशन अद्भुत और अकल्पनीय था। मंत्रियों के लेन-देन की पूरी जानकारी दी गई। मंत्रियों के कार्यालयों के लेन-देन का विवरण भी दिया गया। आज जिस तरह की रिपोर्ट सामने आई हैं, उससे मुख्यमंत्री पूरी तरह सवालों के घेरे में हैं।

जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम ने धर्मनगरी उज्जैन को जमीन के गोरखधंधे का हिस्सा बना दिया है।

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि अगर उनकी याचिका सुनी जाती है, तो यह अनुच्छेद 329 के परे होगा। इससे एक नई परंपरा शुरू होगी कि नामांकन खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट भी सुनवाई कर सकता है।

संविधान के अनुच्छेद 329 में यह व्यवस्था है कि चुनावी मामलों में कोर्ट अंतरिम चरण में हस्तक्षेप नहीं करता। इसी अनुच्छेद में यह भी कहा गया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद असंतुष्ट उम्मीदवार हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है। संविधान में इकलौती व्यवस्था दी गई है कि हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की जाए।

मीनाक्षी नजराजन ने बुधवार (10 जून, 2026) को देर रात याचिका दाखिल करके नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती दी थी, जिस पर गुरुवार को सुनवाई हुई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका के विचार योग्य होने पर सवाल उठाए, लेकिन मीनाक्षी नटराजन की अपील पर शुक्रवार को सुनवाई के लिए कोर्ट तैयार हो गया।

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