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चंडीगढ़ (जनादेश ब्यूरो): अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने शनिवार को अन्य राज्यों के किसान संगठनों से अपील की कि वे अपने राज्यों में एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर मजबूती से आंदोलन करें ताकि केंद्र को यह संदेश दिया जा सके कि यह अकेले पंजाब की लड़ाई नहीं है।

किसान महापंचायत में डल्लेवाल बोले- केंद्र को संदेश दें

खनौरी में आयोजित ‘किसान महापंचायत’ में अपने 11 मिनट से अधिक के संबोधन के दौरान डल्लेवाल ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका जीवन किसानों से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है। 70 वर्षीय डल्लेवाल ने महापंचायत में कहा कि देश में सात लाख किसानों ने आत्महत्या की है और वह जानते हैं कि उनके परिवारों को क्या-क्या सहना पड़ता है।

आमरण अनशन कर रहे किसान नेता को स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया और उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर एक मंच से बिस्तर पर लेटे हुए सभा को संबोधित किया।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): पंजाब के किसान जगजीत सिंह डल्लेवाल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 36 दिन से जारी है। बीमार किसान नेता के उपचार और उनकी सेहत ठीक रखने के लिए उठाए कदमों की आज सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा की जानी थी। मगर, राज्य सरकार ने बताया कि डल्लेवाल को अस्पताल जाने के लिए मनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वो मान नहीं रहे हैं।

साथ ही पंजाब सरकार ने डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती कराने के शीर्ष अदालत के आदेश का पालन करने के लिए तीन दिन का और समय मांगा। इस पर अदालत ने सुनवाई दो जनवरी तक टाल दी।

पंजाब सरकार ने तीन दिन का और मांगा समय

जस्टिस सूर्यकांत और सुधांशु धूलिया की अवकाश पीठ ने मामले को दो जनवरी को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। दरअसल, पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने अदालत के 20 दिसंबर के आदेश के अनुपालन के लिए तीन दिन का और समय मांगने के लिए एक आवेदन दायर किया था।

नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को 35वें दिन भी जारी है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट 31 दिसंबर को बीमार किसान नेता को उपचार मुहैया कराने के लिए पंजाब सरकार द्वारा किये गये उपायों की समीक्षा करेगा। पंजाब सरकार के अधिकारियों की एक टीम ने 29 दिसंबर को 70 वर्षीय किसान नेता को इलाज कराने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने के लिए बल प्रयोग किया जाएगा।

किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित कई मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनौरी में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब सरकार के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने डल्लेवाल से मुलाकात की थी और उनसे अनुरोध किया था कि वे अनशन जारी रहने के बावजूद इलाज स्वीकार करें। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अवकाशकालीन पीठ 31 दिसंबर को पूर्वाह्न करीब 11 बजे मामले की डिजिटल माध्यम से सुनवाई करेगी।

चंडीगढ़ (जनादेश ब्यूरो): किसान आंदोलन का पंजाब में सुबह से ही असर दिखना शुरू हो गया है। सुबह 7 बजते ही पंजाब के तमाम स्टेट और नेशनल हाईवे के अलावा अन्य कई मुख्य सड़कें और रेल मार्ग किसान संगठनों के द्वारा जाम किए गए। किसान यूनियनों की ओर से किए पंजाब बंद से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। इस दौरान हाईवे बंद होने से से निकलने वालों के लिए परेशानी हो सकती है। चूंकि यह धरना सुबह सात बजे से लेकर शाम चार बजे तक चलेगा, इसलिए कई जगह पर ट्रैफिक जाम की स्थिति हुई है। इस बंद को लेकर किसान संगठनों ने आम जनता से अपील की है कि उनका सहयोग करें।

आंदोलित किसान सिर्फ इमरजेंसी वाहनों को देंगे रास्ता

जिले में खरड़, डेराबस्सी, सरमीणी, दप्पर टोल प्लाजा, बरवाला चौक, भांखरपुर और मैकडोनाल्ड के पास किसानों का धरना हो सकता है। जिसके कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। उन्होंने बताया कि जिला मोहाली के खरड़, मोहाली, घडुआं, माजरी ब्लाकों को पूर्ण तौर पर बंद रखा जाएगा।

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