ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

चंडीगढ़ (जनादेश ब्यूरो): पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अनशन समाप्त कराने के लिए अकाल तख्त से हस्तक्षेप करने की बीजेपी की मांग को लेकर निशाना साधा और कहा कि उसे ऐसा करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलना चाहिए और किसानों की मांगों को मनवाने के लिए दबाव डालना चाहिए। डल्लेवाल का अनशन शुक्रवार को 46वें दिन में प्रवेश कर गया। शुक्रवार को जारी तीन मिनट के वीडियो संदेश में 70 वर्षीय किसान नेता ने कहा कि वह अपना अनशन तभी खत्म करेंगे जब केंद्र किसानों की मांगों को मान लेगा।

डल्लेवाल की बीजेपी को सलाह- अकाल तख्त से नहीं मोदी सरकार से करें संपर्क 

इससे पहले बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से किसान नेता के अनिश्चितकालीन अनशन को समाप्त कराने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की थी। बीजेपी के इस प्रतिनिधिमंडल में सुखमिंदर पाल सिंह ग्रेवाल और सरचंद सिंह वाले शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने डल्लेवाल के बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की।

चंडीगढ़ (जनादेश ब्यूरो): संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बुधवार को सरकार से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और खरीद प्रणाली पर ‘श्वेत पत्र’ जारी करने का आग्रह किया। एसकेएम ने यह आरोप भी लगाया कि लगभग 90 प्रतिशत फसलों की खरीद सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर नहीं हो रही है।

फसलों की एमएसपी पर श्वेत पत्र लाए सरकार: एसकेएम

एसकेएम ने एक बयान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर ‘लोगों को गुमराह करने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें स्वामीनाथन आयोग द्वारा अनुशंसित फॉर्मूले और सरकारी एमएसपी फॉर्मूले के बीच के अंतर को श्वेत पत्र के जरिए सामने लाना चाहिए। एमएसपी किसानों से कुछ फसलों की खरीद के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मूल्य है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय का एक संलग्न कार्यालय, कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) विशिष्ट फसलों के लिए एमएसपी के बारे में सुझाव देता है। ए2+एफएल+50 प्रतिशत फॉर्मूले में किसान द्वारा वहन की गई लागत और परिवार के श्रम का मूल्य शामिल होता है, एमएसपी निकालने के लिए इसमें लागत का 50 प्रतिशत जोड़ा जाता है।

चंडीगढ़ (जनादेश ब्यूरो): पंजाब के किसान नेताओं ने मंगलवार को कहा कि अगर आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ कुछ अनहोनी हो जाती है तो केंद्र उसके बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति को नहीं संभाल पाएगा।

किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने जोर देकर कहा कि केंद्र को किसानों के मुद्दों को गंभीरता से हल करना चाहिए। किसानों के अनुसार, डल्लेवाल की सेहत हर दिन ‘‘बिगड़ती’’ जा रही है और ‘‘उनके साथ कुछ भी हो सकता है।’’

 किसान नेता डल्लेवाल का आमरण अनशन 43वें दिन भी जारी

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक डल्लेवाल फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 26 नवंबर 2024 से आमरण अनशन पर हैं। डल्लेवाल का मंगलवार को 43वें दिन भी आमरण अनशन जारी रहा और उन्होंने कोई भी चिकित्सा सहायता लेने से इंकार कर दिया है। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘5 रिवर्स हार्ट एसोसिएशन’ की टीम के सदस्य डॉ. अवतार सिंह ने कहा कि सोमवार शाम को डल्लेवाल की हालत और बिगड़ गई।

चंडीगढ़ (जनादेश ब्यूरो): किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को चक्कर आ रहा है और उल्टी हो रही है और वह बोल भी नहीं पा रहे हैं। चिकित्सकों और आंदोलनकारी किसानों ने रविवार को उनकी भूख हड़ताल के 41वें दिन यह जानकारी दी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

डल्लेवाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पंजाब सरकार द्वारा दी जा रही चिकित्सा सहायता लेने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी के खिलाफ अवमानना ​​याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने वाला है।

पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नानक सिंह और पूर्व उप महानिरीक्षक नरिंदर भार्गव ने रविवार को खनौरी सीमा पर डल्लेवाल से मुलाकात की, लेकिन कोई बात नहीं बन पायी।

एसकेएम के संयोजक डल्लेवाल फसलों के लिए एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 26 नवंबर से पंजाब-हरियाणा के बीच खनौरी सीमा पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख