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हैदराबाद: अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज (बुधवार) कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा ने धर्मनिरपेक्षता का मतलब बदल दिया है और अपने राजनीतिक एजेंडा की सहूलियत के मुताबिक मुद्दों को उठा रही है। राजीव सद्भावना यात्रा में यहां लोगों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भाजपा ऐसे मुद्दों को उठा रही है जिससे लोग सांप्रदायिक आधार पर बंट जाएंगे। वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया, ‘भाजपा ने धर्मनिरपेक्षता का मतलब बदल दिया है। जो लोग भाजपा का विरोध करते हैं उन्हें ‘देशद्रोही’ बताया जाता है। जो लोग उनका समर्थन करते हैं उन्हें राष्ट्रवादी बताया जाता है। भाजपा या संघ के मुताबिक मुहम्मद अली जिन्ना धर्मनिरपेक्ष थे जिन्होंने देश का बंटवारा कराया और महात्मा गांधी को सांप्रदायिक बताया जाता है जिन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए गोली खाई।’ उन्होंने भाजपा पर भारतीय सैनिकों की शहादत का राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। नियंत्रण रेखा के पार ‘लक्षित हमले’ करने का श्रेय ‘आरएसएस की शिक्षा’ को देने के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के हालिया बयान पर सिंह ने कहा, ‘क्या यह सेना का अपमान नहीं है? हमारे विदेश सचिव कहते हैं कि लक्षित हमले पहले भी हुए। आप कहना चाहते हैं कि सेना तब भी संघ की विचाराधारा पर चलती थी?’

हैदराबाद: हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में कथित तौर पर खुदकुशी करने वाले शोधार्थी रोहित वेमुला का एक कथित पुराना वीडियो सामने आया है जिसमें वह दावा कर रहा है कि वह दलित है। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। इस वीडियो के सामने आने से कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार द्वारा गठित एक न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में वेमुला के दलित होने की बात को खारिज कर दिया था। यह वीडियो विश्वविद्यालय में शॉपकॉम के निकट टेंट में शूट किया गया है। इसी जगह वेमुला और उसके दूसरे साथी विश्वविद्यालय से निलंबन के बाद कुछ दिनों तक रहे थे। इसमें वेमुला अपने और अपनी पृष्ठभूमि के बारे में बात करते हुए नजर आ रहा है। इसमें वेमुला कह रहा है कि वह गुंटूर जिले :आंध्र प्रदेश: का दलित है और उसकी मां ने उसका पालन-पोषण किया है। वेमुला अपने निलंबन, अपनी पढ़ाई और छात्र राजनीति के बारे में बातें करते दिख रहा है। इस शोधार्थी की मौत के बाद उसके परिवार, मित्रों और कई राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया था कि वह जातिगत भेदभाव का शिकार बना है।

हैदराबाद: राज्य बनने के दो साल बाद प्रमुख प्रशसानिक बदलाव करते हुए तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को 21 नए जिले बनाए हैं। इसी के साथ राज्य में कुल जिलों की संख्या 31 हो गई है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने नए सिद्दीपेट नाम के नए जिले का उद्घाटन किया जो उनके पैतृक जिले मेडक से कट कर बना है, जबकि विधानसभा अध्यक्ष, राज्य मंत्रियों तथा अन्य गणमान्य शख्सियतों ने नए जिलों में इसी तरह के कार्यक्रमों में शिरकत की। नए जिलों को बनाने का कार्यक्रम संयोग से ‘विजय दशमी’ उत्सव के दिन पड़ा है, जिसे राज्य भर में भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। तेलंगाना का गठन आंध्र प्रदेश से कटकर हुआ था और यह दो जून 2014 को अस्तित्व में आया था। यह भारत का 29वां राज्य है। राव ने पहले कहा था कि जिलों के पुनर्गठन का मकसद बेहतर प्रशासन देना और सरकार के कार्यक्रमों और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने का है। जिलों के साथ ही मंडलों, राजस्व मंडलों और अन्य प्रशासनिक इकायों को भी पुनर्गठित किया गया है।

हैदराबाद: स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए लोगों में जागरूकता फैलानी होगी ताकि यह ‘‘जन आंदोलन’’ बन सके। शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने आज यह बात कही। ‘स्वच्छ भारत’ अभियान पर बनी छोटी फिल्म ‘स्वच्छाग्रह’ पर वेंकैया ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए जन आंदोलन जारी रखना होगा। देश में स्वच्छता बनाए रखने के लिए तीन स्तरीय रूख अपनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले लोगों के बीच जागरूकता पैदा करनी चाहिए, मूलभूत सुविधाएं और सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय मुहैया कराया जाना चाहिए और फिर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना करने पर विचार करना चाहिए।’’ सिंगापुर का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘सिंगापुर अच्छा शहर है लेकिन ‘जुर्माने’ का शहर भी है।’’ केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सिनेमा हॉल में ‘स्वच्छ भारत’ पर छोटी फिल्मों का प्रदर्शन कर सकती है ताकि स्वच्छता के बारे में लोगों में और जागरूकता पैदा की जा सके। उन्होंने कहा कि इन फिल्मों से 2019 तक जागरूकता फैलाने और भारत को स्वच्छ बनाने में सहयोग मिलेगा।

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